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जय जय अग्रोहा

अग्रवालों के इतिहास में ‘ अग्रसेन के बाद अग्रोहा का नाम भी सब नामों से अधिक प्रसिद्ध है ।अग्रसेन मूल पुरूष का नाम था तो अग्रोहा अग्रवालों के केन्द्र स्थान का नाम था ।महाराजा अग्रसेन के नाम पर हीं यह बसा था । यह स्थान कई सौ बर्षों तक अग्रवाल राजाओं की राजधानी रहा और …

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अग्रवाल

जाति – भेद भारत के सामाजिक जीवन की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है । जिस प्रकार की जाति –बिरादरियां भारत में हैं वैसी किसी अन्य देश में नहीं है ।जाति – भेद के विकास के अनेक कारण हैं । किसी एक हेतु से सब जाति – बिरादरियों की उत्पति की व्याख्या नहीं की जा सकती । …

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अग्रसेन

(सन् १५८८ में अपने पूर्वजों के नारनौल से गया ” बिहार” आने के पहले का अग्रवंश का संक्षिप्त इतिहास )
अग्रसेन –अग्रोहा — अग्रवाल

नारनौलिय अग्रवाल समाज का अलिखित इतिहास *** !

मेरे पास अपने समाज का कोई ऐतिहासिक दस्तावेज तो नहीं है पर बचपन से अपने बहुत से बुजुर्गों से
सुनते आया हूं उसका वर्णन जो मुझे ज्ञात है भेज रहा हूं ।

राजा अग्रसेन का जीवन

महाराजा अग्रसेन एक पौराणिक समाजवाद के प्रर्वतक, युग पुरुष, राम राज्य के समर्थक एवं महादानी थे। वे अग्रोहा गणराज्य के महाराजा थे। पितावल्लभसेन एवं माता भगवती देवी थी ।  विवाहसमयानुसार युवावस्था में उन्हें राजा नागराज की कन्या राजकुमारी माधवी के स्वयंवर में शामिल होने का न्योता मिला। उस स्वयंवर में दूर-दूर से अनेक राजा और …

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राजा अग्रसेन के सिद्धांत

अग्रसेन महाराज ने अपने आने वाली पिढियों के लिए 20 सिद्धान्त तय किए जो अग्रांकित हैं:-1. कृषि के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति2. गाय व अन्य जीव जन्तुओं की रक्षा3. देश के बेहतर विकास में व्यापार के माध्यम से योगदान4.कुलदेवी महालक्ष्मीजी की आराधना के लिए धनोपार्जन5. अहिंसा का पालन6. असहाय व जरुरतमंदों की सेवा7. अपने धर्म …

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राजा अग्रसेन की आरती

https://youtu.be/COPrTmLEttI https://youtu.be/SUV3-KxJi-4 Maharaja Agrasen Ji Aarti: अग्रसेन जी की आरती जय श्री अग्र हरे, स्वामी जय श्री अग्र हरे..! कोटि कोटि नत मस्तक, सादर नमन करें ..!! जय श्री! आश्विन शुक्ल एकं, नृप वल्लभ जय! अग्र वंश संस्थापक, नागवंश ब्याहे..!! जय श्री! केसरिया थ्वज फहरे, छात्र चवंर धारे! झांझ, नफीरी नौबत बाजत तब द्वारे ..!! …

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क्या अग्रसेन हमारे पिता थे ?

क्या सचमुच में राजा अग्रसेन हमारे पिता थे? हम सभी अग्र बंधुओं के बीच में एक मान्यता प्रचलित है, कि हम सभी राजा अग्रसेन की संतान हैं। और उन के 18 पुत्रों के साढ़े सत्रह गोत्रो से हमारी स्थापना हुई है । ऐसी मान्यता है, कि राजा अग्रसेन ने यज्ञ करके 18 ऋषियों के नाम …

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Agrawal Gotra Details

महाराज अग्रसेन ने अग्रोहा के गणतंत्र राज्य की स्थापना की। अग्रोहा में 18 राज्य इकाइयाँ शामिल थीं। प्रत्येक राज्य इकाई के प्रमुख को एक गोत्र दिया गया। उस गोत्र के द्वारा उस विशेष राज्य इकाई के सभी निवासियों की पहचान की गई। यह महाराज अग्रसेन द्वारा बनाए रखा गया था कि एक ही गोत्र में …

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Agroha dham

देवी महालक्ष्मी के आशीर्वाद से राजा अग्रसेन ने रानी के साथ पूरे भारत की यात्रा की और एक नए राज्य के लिए जगह का चयन किया। अपनी यात्रा के दौरान, एक जगह पर उन्हें कुछ बाघ शावक और भेड़िया शावक एक साथ खेलते हुए मिले। राजा अग्रसेन और रानी माधवी के लिए, यह एक शुभ …

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